नक़ल, जाँच नहीं
एक ही पैराग्राफ़ एक साइट से दूसरी साइट पर कॉपी होता रहता है। बीस पेज एक ही पुरानी बात दोहराएँ, तो लगता है सब सहमत हैं — पर स्रोत असल में एक ही है।
जल्द आ रहा है · राजस्थान से शुरुआत
GhoomoAI भारत के लिए बना ट्रिप प्लानर है, जिसकी शुरुआत राजस्थान से हो रही है। खुलने का समय हो, टिकट का दाम हो या बंद रहने का दिन — इसमें दिखने वाली हर जानकारी के साथ तीन बातें होंगी: यह कहाँ से आई, आख़िरी बार कब जाँची गई, और हम इस पर कितने आश्वस्त हैं।
AI आपकी योजना समझाने में मदद कर सकता है, पर तथ्य कभी AI से नहीं आएँगे।
GhoomoAI अभी शुरू नहीं हुआ है। फ़िलहाल साइन-अप करने के लिए कुछ नहीं है — यह पेज बस इसलिए है, ताकि आप जान सकें कि हम क्या बना रहे हैं।
उदाहरण क़िला · उदाहरण शहर
प्रवेश शुल्क · भारतीय वयस्क
₹100 उदाहरण
सत्यापित
2 स्वतंत्र स्रोत सहमत
समस्या
खुलने का समय, टिकट के दाम और छुट्टी के दिन चुपचाप बदल जाते हैं। इन्हें बताने वाले पेज शायद ही कभी लिखते हैं कि जानकारी कहाँ से आई, या आख़िरी बार किसी ने कब जाँची।
एक ही पैराग्राफ़ एक साइट से दूसरी साइट पर कॉपी होता रहता है। बीस पेज एक ही पुरानी बात दोहराएँ, तो लगता है सब सहमत हैं — पर स्रोत असल में एक ही है।
समय, फ़ीस और साप्ताहिक छुट्टी बदलते रहते हैं, पुराने पेज नहीं बदलते। अक्सर पता तब चलता है, जब आप गेट पर पहुँच चुके होते हैं।
चैटबॉट और “टॉप टेन” सूचियाँ, बात सही हो या ग़लत, हर बात एक-से भरोसे से कहती हैं। स्रोत और तारीख़ के बिना यह पहचानना मुश्किल है कि कौन-सी बात ताज़ा है और कौन-सी सिर्फ़ अंदाज़ा।
कैसे काम करता है
ये नियम हम GhoomoAI में शुरुआत से ही बना रहे हैं — किसी प्लानर या ऐप से भी पहले।
हर तथ्य के साथ लिखा होगा कि वह कहाँ से आया — कोई आधिकारिक सूचना, मौक़े पर की गई जाँच या कोई वेब प्रकाशन — उसकी आख़िरी पुष्टि कब हुई, और उस पर भरोसे का स्तर: ज़्यादा, मध्यम या कम। जिस बात का स्रोत हम नहीं बता सकते, वह हम कहते ही नहीं।
यात्रा मित्र स्थानीय लोग होंगे — जैसे छात्र, ड्राइवर और गाइड — जो जगहों पर जाकर वहाँ सच में लगी सूचनाओं की फ़ोटो लेंगे। हर विज़िट की लोकेशन जाँची जाएगी, फ़ोटो में हाथ से लिखा एक बार का कोड होगा, और कोई भी जानकारी मान्य होने से पहले हमारी टीम का एक व्यक्ति उसे ख़ुद देखेगा।
अगर आधिकारिक पेज कुछ और कहे और हाल की विज़िट कुछ और, तो हम चुपचाप कोई एक बात नहीं चुनेंगे। आपको दोनों दावे दिखेंगे, अपने-अपने स्रोत और तारीख़ के साथ, और उन पर लिखा होगा “स्रोतों में मतभेद”।
हर तरह की जानकारी की एक मियाद होती है — खुलने का समय किसी क़िले के बनने के साल से कहीं जल्दी बदलता है। मियाद पूरी होते ही वह जानकारी दिखनी बंद हो जाएगी — आपको बस यह दिखेगा कि आख़िरी पुष्टि कब और किस स्रोत से हुई थी — और किसी को दोबारा जाँचने भेजा जाएगा।
AI योजना को शब्दों में ढालने और समझाने में मदद कर सकता है, पर कोई तथ्य नहीं देता। योजना की हर जाँचने लायक़ बात — समय, फ़ीस, बंद रहने का दिन — सत्यापित रिकॉर्ड से भरी जाती है, किसी मॉडल की लिखी नहीं होती।
जब स्रोतों में मतभेद हो, तो कोई AI उस पर पर्दा नहीं डालता — आपको दोनों दावे जस के तस दिखते हैं।
उदाहरण
किसी तथ्य की तीन संभावित स्थितियों का नमूना। नीचे दी गई जगह, आँकड़े और तारीख़ें काल्पनिक हैं — ये किसी असली स्मारक की जानकारी नहीं हैं।
उदाहरण क़िला · उदाहरण शहर
आख़िरी प्रवेश
शाम 5:30
सत्यापित
उदाहरण क़िला · उदाहरण शहर
खुलने का समय
स्रोतों में मतभेद
दोबारा जाँच से फ़ैसला होने तक दोनों दावे दिखते रहेंगे।
उदाहरण क़िला · उदाहरण शहर
हर हफ़्ते बंद रहने का दिन
दोबारा जाँच होने तक यह जानकारी नहीं दिखाई जाएगी
दोबारा जाँच बाक़ी
मियाद पूरी हो चुकी जानकारी कभी नहीं दिखाई जाती। दोबारा जाँच का अनुरोध भेजा जा चुका है।
शुरुआत कहाँ से
शुरुआत जयपुर, जोधपुर और उदयपुर की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली जगहों से होगी, फिर जैसलमेर, पुष्कर और बाड़मेर।
आगे क्या
हम यह सब इसी क्रम में बनाना चाहते हैं। तारीख़ें तभी बताएँगे, जब उन पर पक्का भरोसा हो।
पहले योजना में
बताइए कि आप राजस्थान में कहाँ और कब घूमना चाहते हैं, और हमारी टीम का एक व्यक्ति WhatsApp पर आपके साथ योजना बनाएगा। योजना की हर जानकारी के साथ उसका स्रोत और तारीख़ होगी। कोई बॉट नहीं।
फिर बाद में
उन्हीं जाँचे हुए तथ्यों पर ख़ुद अपनी यात्रा की योजना बनाइए — हर जानकारी का स्रोत, तारीख़ और भरोसे का स्तर सामने दिखेगा।
उसके बाद बाद में
पहले राजस्थान की और जगहें और शहर, फिर देश के दूसरे राज्य — हर नई जगह तभी, जब हम उसकी जानकारी ताज़ा रख सकें।
संपर्क की जानकारी जल्द आएगी। अभी GhoomoAI का कोई सार्वजनिक फ़ोन नंबर, WhatsApp नंबर या ईमेल नहीं है।